ग्रामीण की मौत से सहमा झबरावाला, हाथी के हमले के बाद आक्रोश
ऋषिकेश। राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे ग्रामीण इलाके में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त स्थानीय निवासी जमील (पुत्र असगर अली) के रूप में हुई है। इस दुखद हादसे के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगली हाथियों की सक्रियता को लेकर दहशत फैल गई है, वहीं वन महकमे की लचर गश्त और सुरक्षा उपायों को लेकर स्थानीय लोगों में तीव्र आक्रोश देखने को मिल रहा है।
स्कूटी सवार ग्रामीणों के सामने अचानक आया हाथी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात करीब 9:30 बजे जमील अपने परिचित नफीस के साथ स्कूटी से घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही दोनों गांव के निकट हाथीकुंड इलाके के पास पहुंचे, घने जंगल से निकलकर एक विशालकाय हाथी अचानक मुख्य मार्ग पर आ धमका। जंगली जानवर को बिल्कुल करीब देखकर दोनों युवक घबरा गए और स्कूटी वहीं छोड़कर जान बचाने के लिए विपरीत दिशा में दौड़ पड़े।
सूंड से उठाकर जमीन पर पटका, साथी के शोर से टला बड़ा हादसा
भागने के क्रम में हाथी ने जमील को अपनी गिरफ्त में ले लिया और सूंड से उठाकर जमीन पर दे मारा, जिससे उनके सिर और शरीर के आंतरिक हिस्सों में जानलेवा चोटें आईं। इस दौरान साथी नफीस ने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों और रिहायशी घरों से ग्रामीण लाठी-डंडों व मशालों के साथ घटनास्थल की ओर दौड़े। भारी हंगामे और शोरगुल के दबाव में हाथी वापस जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम, वन क्षेत्र में निगरानी बढ़ी
ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल जमील को तत्काल हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों की गहन कोशिशों के बावजूद अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर अंदरूनी आघात के चलते उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही कांसरो वन रेंज की टीम मौके पर पहुंची और मुआयना किया। वन विभाग के अधिकारियों ने घटना की विधिवत जांच शुरू करते हुए हाथियों के संभावित आवागमन वाले संवेदनशील रास्तों पर गश्त और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
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